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भारत में रिवर राफ्टिंग करने की 10 खास जगह – River Rafting In India In Hindi

River Rafting In India In Hindi : रिवर राफ्टिंग एक ऐसा खेल है जो आपके दिल को रोमांच से भर देता है। हमारे देश भारत में रिवर राफ्टिंग का इतिहास काफी पुराना है। आजकल युवाओं में रिवर राफ्टिंग का क्रेज बहुत तेजी से बढता जा रहा है, आज का युवा हर समय खतरों से खेलने के लिए तैयार रहते हैं और कुछ अलग करने की चाह रखते हैं। रिवर राफ्टिंग को कई लोग खतरे का खेल बोलते हैं लेकिन आपको बता दें कि यह कोई खतरे का खेल नहीं है बल्कि इसमें नदी में राफ्टिंग करते है जिसमें बहुत मजा आता है। हालांकि रिवर राफ्टिंग में थोडा खतरा तो रहता है, लेकिन यह खतरे के साथ एक मस्ती से भरा खेल भी है।

1. रिवर राफ्टिंग क्या होती है – What Is River Rafting In Hindi

पैराग्लाइडिंग, स्काईडाइविंग की तरह वाटर राफ्टिंग भी एक साहसिक खेल है जो आजकल बहुत लोकप्रिय होता जा रहा है। इस खेल में आप मजा करने के साथ आप साहसी भी बनते हैं। बता दे कि वाटर राफ्टिंग में एक छोटी से नाव की मदद से नदियों की लहरों के साथ आगे बढ़ना होता है। वाटर या रिवर राफ्टिंग करने वाले लोगों को नदी की तेज लहरों के साथ आंगें बढ़ना होता है और इसमें जीतने की खुशी का अनुभव बहुत खास होता है, जिसको हम शब्दों में नहीं बता सकते। जब राफ्टिंग करने वाला पानी के बेग के साथ आगे बढ़ता है तो वो कुछ पल के लिए सब कुछ भूल जाता है। इस खेल में राफ्टिंग करने वाले पर्यटकों या सैलानी को रबर की नाव का इस्तेमाल करना होता है और जिसमें एक खास तरह का सूट पहना जाता है। इस सूट में हवा से भरे हुए फ्लोट लगे होते हैं, जिसकी वजह से कोई भी पानी में गिरने के बाद अपने आप तैर सकता है।

2. रिवर राफ्टिंग कैसे करते है – River Rafting Kaise Karte Hain In Hindi

रिवर राफ्टिंग कैसे करते है - River Rafting Kaise Karte Hain In Hindi

रिवर राफ्टिंग में जो नाव इस्तेमाल की जाती है उसमें लगभग 7-8 लोग सफर कर सकते हैं। इस नाव में एक टूरिस्ट गाइड भी होता है जो आपको राफ्टिंग के बारे में बताता है। रिवर राफ्टिंग के लिए ज्यादा तेज बहाव वाली लेकिन कम गहराई वाली नदी का चुनाव किया जाता है। यह साहसिक खेल आप हर नदी में नहीं कर सकते। अगर किसी नदी में रोकने वाली नुकीली चट्टानें होती हैं तो उन्हें तोड़कर राफ्टिंग को सुरक्षित बनाया जाता है। बता दें कि इस खेल को आप बहाव की दिशा में ही कर सकते हैं।

3. भारत में रिवर राफ्टिंग करने की 10 अच्छी जगह – 10 Best Places for River Rafting In India In Hindi

बहुत से लोग यह सोचते हैं कि दूसरे देशों में रिवर राफ्टिंग ज्यादा प्रचलित है और अगर वे सिर्फ विदेश जाकर ही रिवर राफ्टिंग का मजा ले सकते हैं। बता दें कि भारत में रिवर राफ्टिंग करने की कई अच्छी जगह है, लेकिन इस लेख में हम आपको रिवर राफ्टिंग करने की 10 खास जगहों के बारे में बता रहे हैं। तो आइये जानते हैं कि वो 10 जगह कौन सी हैं।

3.1 गंगा नदी ऋषिकेश में रिवर राफ्टिंग – River Ganga Rishikesh Me Water Rafting In Hindi

गंगा नदी ऋषिकेश में रिवर राफ्टिंग - River Ganga Rishikesh Me Water Rafting In Hindi

ऋषिकेश भारत में व्हाइट वाटर रिवर राफ्टिंग के लिए सबसे शानदार स्थानों में से एक है और इस रोमांचकारी साहसिक खेल का एक प्रमुख स्थान बन गया है। उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय में बसे ऋषिकेश में 4 खंडों में शक्तिशाली बहाव वाली नदी गंगा में राफ्टिंग जैसे साहसिक खेल की सुविधा मौजूद है। इस जगह पर आप रिवर राफ्टिंग के साथ पहाड़ों की शांति और चारों ओर सफेद रेत के समुद्र तटों के दृश्यों का आनंद ले सकते हैं। ऋषिकेश में रिवर राफ्टिंग के लिए जून से सितंबर तक का सबसे अच्छा समय है।

ऋषिकेश में गंगा नदी में रिवर राफ्टिंग कठिनाई स्तर- ग्रेड I – ग्रेड IV

दूरी- 9 किमी – 36 किमी

3.2 भारत में रिवर राफ्टिंग की खास जगह सिक्किम और दार्जिलिंग में तीस्ता नदी – Teesta River At Sikkim And Darjeeling River Rafting In Hindi

भारत में रिवर राफ्टिंग की खास जगह सिक्किम और दार्जिलिंग में तीस्ता नदी - Teesta River At Sikkim And Darjeeling River Rafting In Hindi

तीस्ता नदी सिक्किम प्रसिद्ध नदी है जो सिक्किम, दार्जिलिंग और कलिम्पोंग पहाड़ी क्षेत्र से होकर बहती है। अगर आप रिवर राफ्टिंग के लिए कोई अच्छी जगह तलाश रहे हैं तो यह नदी आपके लिए बहुत अच्छी साबित हो सकती है। इस नदी में आप एक अलग तरह की तीव्रता के साथ राफ्टिंग अनुभव प्राप्त कर सकते हैं। तीस्ता में राफ्टिंग सिर्फ अक्टूबर से अप्रैल तक के महीनों तक ही की जा सकती है। तीस्ता के आसपास का खूबसूरत परिदृश्य आपके राफ्टिंग के अनुभव को और भी खास बनाता है।

तीस्ता नदी-में राफ्टिंग कठिनाई स्तर- ग्रेड I – ग्रेड IV

दूरी तय- 11 किमी – 37 किमी

3.3 दक्षिण भारत में वाइट वाटर राफ्टिंग की अच्छी जगह कूर्ग बारापोल नदी – Barapole River Coorg Dakshin Bharat Me White Water Rafting Ki Acchi Jagha In Hindi

दक्षिण भारत में वाइट वाटर राफ्टिंग की अच्छी जगह कूर्ग बारापोल नदी - Barapole River Coorg Dakshin Bharat Me White Water Rafting Ki Acchi Jagha In Hindi

सफेद पानी की राफ्टिंग के लिए आप उत्तरी भारत ही नहीं बल्कि दक्षिण भारत के कूर्ग में बारपोल नदी में भी जा सकते हैं। यहां पर आपको राफ्टिंग का एक खास अनुभव मिलता है। कर्नाटक में स्थित बारपोल नदी में पहली बार राफ्टिंग करने वाले व्यक्ति को एक खास आनंद की अनुभूति होती है। यह जगह मेडिकेरी बस स्टेशन से सिर्फ 8 किलोमीटर की दूरी पर है और यहां राफ्टिंग मानसून के महीनों (जुलाई से सितंबर) में शुरू होती है।

कूर्ग में बारापोल नदी में राफ्टिंग कठिनाई स्तर: ग्रेड II – ग्रेड VII

दूरी- 8 किमी

3.4 लद्दाख में सिंधु नदी पर रिवर राफ्टिंग करें – Ladakh Me Indus River Par Water Rafting Karen In Hindi

लद्दाख में सिंधु नदी पर रिवर राफ्टिंग करें - Ladakh Me Indus River Par Water Rafting Karen In Hindi

जम्मू और कश्मीर के लद्दाख में सिंधु नदी रिवर राफ्टिंग जैसी साहसिक खेलों के लिए बहुत खास है। सिंधु एशिया की सबसे लंबी नदी है जो 3,180 किलोमीटर में फैली है। यहां बर्फ से ढकी चोटियों, पहाड़ी मठों, पहाड़ी गांवों और चारों ओर गहरे घाटियों के बीच वाइट रिवर राफ्टिंग करना आपके लिए बेहद यादगार साबित हो सकता है। बता दें कि यहां पर यहां राफ्टिंग सीजन आमतौर पर जुलाई से सितंबर तक के महीनों का होता है।

सिंधु नदी में राफ्टिंग कठिनाई स्तर- ग्रेड III – ग्रेड IV

दूरी- 25 किमी

3.5 पश्चिमी भारत में राफ्टिंग के लिए सबसे अच्छी जगह कुंडलिका नदी – Kundalika River Pashchimi Bharat Me River Rafting Ki Acchi Jagha In Hindi

पश्चिमी भारत में राफ्टिंग के लिए सबसे अच्छी जगह कुंडलिका नदी - Kundalika River Pashchimi Bharat Me River Rafting Ki Acchi Jagha In Hindi

कोलाड पश्चिमी भारत में राफ्टिंग के लिए सबसे अच्छी जगहों में से एक है, जो मानसून के दौरान एक लोकप्रिय पर्यटक स्थल है। कुंडलिका एक बहुत छोटी नदी है जो शानदार सह्याद्री पहाड़ियों से होकर अरब सागर में मिलती है। इस नदी को दक्षिण की सबसे तेज बहने वाली नदी भी कहा जाता है। यहां पर आप वाइट वाटर राफ्टिंग के लिए पूरे साल में कभी भी जा सकते हैं। यहां का प्राकृतिक सौंदर्य इतना शानदार है जो आपको अपने हरे-भरे वनस्पतियों के साथ राफ्टिंग का एक अलग भी अनुभव देगा।

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कुंडलिका नदी में वाटर राफ्टिंग कठिनाई स्तर- ग्रेड III – ग्रेड IV

दूरी- 16 किमी

3.6 भारत में रिवर राफ्टिंग करने की प्रमुख जगह ब्रह्मपुत्र नदी – Brahmaputra River For River Rafting In Hindi

भारत में रिवर राफ्टिंग करने की प्रमुख जगह ब्रह्मपुत्र नदी - Brahmaputra River For River Rafting In Hindi

लोहित नदी, जो ब्रह्मपुत्र नदी की एक सहायक नदी है, कयाकिंग और राफ्टिंग के लिए भारत में एक शानदार जगह है। अरुणाचल प्रदेश में रिवर राफ्टिंग आपको सफेद पानी के रैपिड्स की मदद से एक बहुत ही रोमांचकारी सवारी पर ले जाती है। यहां रिवर राफ्टिंग के दौरान आपको हरे-भरे जंगल, चट्टानी बैंक, दरारें और जनजातीय बस्तियों से होकर गुजरना होता है जो आपके अंदर बहुत उत्साह भर देता है। बता दें कि अरुणाचल प्रदेश में रिवर राफ्टिंग राफ्टिंग के लिए अच्छा समय नवंबर से मार्च तक है।

लोहित नदी में वाटर राफ्टिंग कठिनाई स्तर- चुनौती

दूरी तय- 180 किमी

3.7 हिमाचल प्रदेश में स्पीति नदी पर वाटर राफ्टिंग – River Rafting Spiti River Himachal Pradesh In Hindi

हिमाचल प्रदेश में स्पीति नदी पर वाटर राफ्टिंग - River Rafting Spiti River Himachal Pradesh In Hindi

हिमाचल प्रदेश राज्य में स्पीति नदी के किनारे राफ्टिंग करना आपकी जिंदगी में बहुत ही शानदार अनुभव देगा। यह भारत में रिवर राफ्टिंग करने की सबसे अच्छी जगहों में से एक है। यहां आप पानी में 6 दिनों तक रह सकते हैं और यहां के स्थानीय गांवों की झलक, बर्फ से ढके ग्लेशियर और यहां का वातावरण आपकी राफ्टिंग को बेहद यादगार बना देंगे। राफ्टिंग ट्यूटिंग क्षेत्र से शुरू होती है और पासीघाट को कवर करती है जिसका समापन बिंदु सूमो है। यहां जाने का सबसे अच्छा समय जुलाई और अगस्त के महीनों में है।

स्पीति नदी हिमाचल प्रदेश में रिवर राफ्टिंग कठिनाई स्तर- ग्रेड IV तक

दूरी- 180 किमी

3.8 भारत में रिवर राफ्टिंग करने की प्रमुख जगह अलकनंदा नदी उत्तराखंड – Alaknanda River India Me Water Rafting Karne Ki Pramukh Jagha In Hindi

भारत में रिवर राफ्टिंग करने की प्रमुख जगह अलकनंदा नदी उत्तराखंड - Alaknanda River India Me Water Rafting Karne Ki Pramukh Jagha In Hindi

अलकनंदा नदी भारत के साथ ही दुनियाभर अपनी राफ्टिंग ग्रेड की वजह से अच्छी नदी मानी जाती है। यह नदी आपको एक चुनौतीपूर्ण राफ्टिंग का मजा देती है। यह नदी, गंगा की दूसरी सबसे बड़ी सहायक नदी है, जो गढ़वाल से निकलती है और चमोली और रुद्रप्रयाग से होकर बहती है। यहां पर राफ्टिंग के दौरान आप उत्तराखंड की कई घाटियों का सुंदर दृश्यों को देख सकते हैं। यह जगह साहसिक प्रेमियों के लिए एक जो एक चुनौतीपूर्ण राफ्टिंग करना पसंद करते हैं। यहां यात्रा का सबसे अच्छा समय सितंबर और जून के महीनों के बीच होता है

अलकनंदा नदी उत्तराखंड में रिवर राफ्टिंग कठिनाई स्तर- ग्रेड IV – ग्रेड IV

दूरी- लगभग 25 किमी

3.9 भारत में वाटर राफ्टिंग करने का अच्छा स्थान डंडेली कर्नाटक – Dandeli Karnataka Bharat Me Water Rafting Karne Ka Accha Sthan In Hindi

भारत में वाटर राफ्टिंग करने का अच्छा स्थान डंडेली कर्नाटक - Dandeli Karnataka Bharat Me Water Rafting Karne Ka Accha Sthan In Hindi

डंडेली में रिवर राफ्टिंग करना आपको एक अद्भुद अनुभव दे सकता है। डंडेली दक्षिण भारत में व्हाइट वाटर रिवर राफ्टिंग के लिए सबसे अच्छे स्थानों में से एक है। यहाँ पर राफ्टिंग तेजी से बहने वाली काली नदी पर पश्चिमी घाट के साथ घुमावदार रास्तों पर की जाती है। यहां विभिन्न प्रकार की वनस्पतियों और जीवों के बीच शानदार राफ्टिंग करना आपके लिए यादगार साबित हो सकता है। यहां घूमने का सबसे अच्छा समय नवंबर से जून के बीच का है।

डंडेली में रिवर राफ्टिंग कठिनाई स्तर- ग्रेड II – ग्रेड III

दूरी- 12 किमी

3.10 ब्यास नदी-कुल्लू मनाली में वाइट वाटर राफ्टिंग करें – Beas River Kullu Manali White Water Rafting In Hindi

ब्यास नदी-कुल्लू मनाली में वाइट वाटर राफ्टिंग करें - Beas River Kullu Manali White Water Rafting In Hindi

कुल्लू मनाली में ब्यास नदी एक सुंदर और सुखद रिवर राफ्टिंग पिरडी से शुरू होती है और झुरी पर समाप्त होती है। यह जगह व्हाइटवाटर राफ्टिंग के लिए भारत की सबसे अच्छी जगहों में से एक है। यहां पर साल में मार्च और जुलाई के महीनों में आप राफ्टिंग के लिए जा सकते हैं।

ब्यास नदी में रिवर राफ्टिंग कठिनाई स्तर- ग्रेड I – ग्रेड IV

अगली बार रिवर राफ्टिंग का प्लान ऋषिकेश में न बनाकर, इन खूबसूरत जगहों पर बनाएं, होगा कुछ नया अनुभव

रिवर राफ्टिंग जैसी मजेदार एक्टिविटी का अनुभव हर कोई अपने जीवन में एक बार जरूर लेना चाहता है। राफ्टिंग के लिए ऋषिकेश तो फेमस है ही, लेकिन इसके अलावा ऐसी कई और जगह भी हैं जो रिवर राफ्टिंग के लिए जानी जाती है।

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अगली बार रिवर राफ्टिंग का प्लान ऋषिकेश में न बनाकर, इन खूबसूरत जगहों पर बनाएं, होगा कुछ नया अनुभव

रिवर राफ्टिंग के लिए सिक्किम – River Rafting in Sikkim in Hindi

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आपकी जानकारी के लिए हम आपको बता दें, तीस्ता नदी सिक्किम की एक लोकप्रिय नदी है, जो सिक्किम, दार्जिलिंग और कलिम्पोंग पहाड़ी क्षेत्रों से होकर बहती है। अगर आप रिवर राफ्टिंग के लिए कोई बेस्ट जगह तलाश रहे हैं, तो ये नदी राफ्टिंग के लिए एकदम परफेक्ट है। इस नदी की ऊंची-ऊंची लहरों के साथ राफ्टिंग करने का जो मजा है वो आपको कहीं और नहीं मिलेगा। तीस्ता नदी में राफ्टिंग अक्टूबर से अप्रैल तक ही की जाती है।

(फोटो साभार : Indiatimes)

रिवर राफ्टिंग के लिए कूर्ग – River Rafting in Coorg in Hindi

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राफ्टिंग के लिए न सिर्फ आप उत्तरी भारत बल्कि दक्षिण भारत के कूर्ग बरपोल नदी में भी रिवर राफ्टिंग का मजा ले सकते हैं। यहां आपको राफ्टिंग का एक नया अनुभव देखने को मिलेगा। अगर आप कर्नाटक में स्थित बरपोल नदी में पहली बार राफ्टिंग करने जा रहे हैं, तो यकीन मानिए आप बिल्कुल सही जगह जा रहे हैं। राफ्टिंग करने का यहां अलग ही मजा है। ये जगह मेडिकेरी स्टेशन से सिर्फ 8 किलोमीटर की दूरी पर है और यहां राफ्टिंग सिर्फ जुलाई से सितंबर के बीच करवाई जाती है।

(फोटो साभार : Indiatimes)

रिवर राफ्टिंग के लिए लद्दाख – River Rafting in Ladakh in Hindi

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अगर आप एडवेंचरस चीजें करने का शौक रखते हैं, तो जम्मू और कश्मीर के लद्दाख में सिंधु नदी में रिवर राफ्टिंग करें। ये जगह साहसिक खेलों के लिए बहुत खास है। सिंधु एशिया की सबसे लंबी नदी 3,180 किलोमीटर में फैली हुई है। लद्दाख में सिंधु नदी के आसपास आपको बर्फ से ढकी चोटियां, खूबसूरत पहाड़, गांव और गहरी घाटियों का नजारा देखने को मिल जाएगा। आपको बता दें, यहां राफ्टिंग करने का समय जुलाई से सितंबर तक के महीने में होता है।

(फोटो साभार : Economic Times)

रिवर राफ्टिंग के लिए महाराष्ट्र – River Rafting in Maharashtra in Hindi

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कोलाड पश्चिमी भारत में राफ्टिंग के लिए सबसे अच्छी जगहों में शामिल है। ये जगह मानसून के दौरान बेहद खूबसूरत लगती है। आपको बता दें, कुंडलिका एक छोटी नदी है, जो सह्याद्री पहाड़ियों से होकर अरब सागर में जाकर मिलती है। इस नदी को दक्षिण की सबसे तेज बहने वाली नदी भी कहते हैं। रिवर राफ्टिंग के लिए यहां कोई समय सीमा नहीं है, पूरे साल में आप कभी भी यहां राफ्टिंग के लिए जा सकते हैं।

(फोटो साभार : Economic Times)

उत्तराखंड रिवर राफ्टिंग के लिए उत्तराखंड – River Rafting in Uttarakhand in Hindi

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अलकनंदा नदी सिर्फ भारत में ही नहीं दुनियाभर में भी अपनी राफ्टिंग ग्रेड के लिए जानी जाती है। आपको बता दें, ये नदी, गंगा की दूसरी सबसे बड़ी सहायक नदी है, जो गढ़वाल से निकलकर चमोली और रुद्रप्रायग से होकर बहती है। यहां आप राफ्टिंग के दौरान उत्तराखंड के पहाड़ों और घाटियों का सुंदर दृश्य देख सकते हैं। यहां राफ्टिंग का सबसे अच्छा समय सितंबर और जून के महीनों के बीच है।

(फोटो साभार : Economic Times)

रिवर राफ्टिंग के मनाली – River Rafting in Manali

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राफ्टिंग के लिए कुल्लू मनाली में सुंदर ब्यास नदी को हम कैसे भूल सकते हैं। यहां रिवर राफ्टिंग पिरडी से शुरू होती है और झुरी पर समाप्त होती है। कुल्लू मनाली की ब्यास नदी को रिवर राफ्टिंग के लिए सबसे शानदार स्थानों में गिना जाता है। अगर आपको साहसिक खेल खेलना बेहद पसंद है, तो रिवर राफ्टिंग के लिए कुल्लू मनाली जरूर जाएं। यहां आपको राफ्टिंग के दौरान बेहद शांति देखने को मिलेगी, और पहाड़ों की खूबसूरती में आप खो जाएंगे। यहां पर साल में मार्च और जुलाई के महीनों में आप राफ्टिंग के लिए जा सकते हैं।

What is River Rafting

Rafting, the high-adrenaline sport of navigating a river in an inflatable raft, involves several levels of difficulty, depending on how choppy the river is. These ‘grades’ of difficulty are arrived at according to the presence of rapids, which evolve due to sudden plunges in the river’s height, and also because of rocks – small or large – that may be lurking in the waters. Rafting is a challenging but tremendously fun activity – just remember to keep the instructor’s safety tips in mind! White-water (rapids) does invoke fear but river-running done properly – under professional guidance, with the right training, using the appropriate equipment, taking all safety precautions, and by following a set of international safety and ecological norms – can be an extremely safe, enjoyable and exciting soft-adventure sport.
The sport’s popularity is probably due to the fact that almost anyone, including non- swimmers and those with no prior experience can, go rafting. All it takes is 15 minutes of instructions and you can have the time of your life – riding the waves, getting splashed and enjoying the peace and tranquillity of the river.

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Rafting in India

Boasting world-class rafting potential, cultural and geographical diversity, easy access to most rivers, a host of international-standard river-running outfitters (with state-of- the-art equipment), an ethos steeped in hospitality, and – conveniently – no permit requirements for river running (except in the ‘inner line’, close to the border areas), India is emerging as ‘the river-running destination’ of the world. Rafting is certainly well on its way to becoming the most popular adventure sport in the country, and India a Shangri La for river-runners. With myriad rivers gushing through its heart, unspoilt environs, the riverine flora and fauna and the region’s rich and ancient culture, the Indian Himalayas make up an exciting destination for hard-core rafters. And while commercial rafting has come of age in the country, there are opportunities aplenty for first-timers, from juniors to septuagenarians, to learn and master the skills of ‘river-running’ – 9-year-old schoolchildren and 70-year-olds have rafted down rivers in India.Currently there are over 50 commercial outfitters in India organizing trips ranging from two-hour runs to multiple-day expeditions.

Know more about popular options for River Rafting in India.

History

It was the “Ocean to Sky” expedition of 1977 – led by Sir Edmund Hillary and organized by Capt. M.S. Kohli – which evoked tremendous interest nationally, and quite a flutter abroad, about the potential of river sports in India. The jet-boat expedition started in the Bay of Bengal, going up the River Ganges and on towards Nandprayag on the River Alaknanda. In 1984, the Uttar Ganga rafting expedition led by Ken Warren and organized by A.C. Kohli, rafted over 300km on the Alaknanda, Bhagirathi and Ganga rivers. This marked the first time that Indians had actively participated in a river-rafting expedition – Shaukat Sikand, Yousuf Zaheer, Akshay Kumar, Pawan Sher Singh and Ajeet Bajaj were part of the first pool of Indian river-runners. Glen Upperman, an American rafter, stayed back after the expedition and trained the first batch of Indian rafters in oar-rafting techniques. The following year, two Canadian rafters, Mark Daniel and Ben Webster, trained Indian rafters in paddle-rafting techniques and kayaking.
The age of river exploration in India took off when local river-runners logged enough experience to join rafting expeditions, including the first descent of the Sutlej from Rampur to Tattapani below Shimla (1985); the first descent of the Teesta in Sikkim and West Bengal (1986); and the first descent of the Sarda in Kumaon, Uttaranchal (1987). The Indian Armed Forces have also played a pivotal role in the development of river- running in India, organizing training courses and leading expeditions. Although many rivers in India have been explored, with some being rafted commercially, this is only the tip of the proverbial iceberg.To quote Peter Knowles (chairman, British Canoe Union Expeditions committee), “There is still probably more scope in India for ‘first descents’ and exploratory river-running than in any other Himalayan country.”
Along the entire expanse of the culturally diverse Indian Himalayas – more than 3000km long and between 150km and 300km wide – there are rivers still awaiting descent. Furthermore, there’s tremendous scope for river exploration in the states of the northeast and in South India.

Equipment

Rafts are inflatable boats made out of either multi-layered synthetic rubber (Hypalon) or vinyl fabric (PVC). They measure anywhere between 3.5m (11ft) and 6m (20ft) in length, and 1.8m (6ft) and 2.5m (8ft) in width, and are exceedingly durable.Rafting destinations in IndiaNature has been generous to India as far as rivers are concerned. The four most popular commercial rafting rivers are the Ganges, Beas, Indus and Teesta. Uttaranchal in the north is home to many world-class white-water rivers, with easy access from Delhi.

Rafting Spots

Till date, river running has been concentrated mainly along the River Ganges in the Rishikesh-Devprayag area, but the Bhagirathi, Alaknanda and Mandakini rivers are also very much on the tourist map when it comes to rafting and kayaking.A number of other rivers in Uttaranchal – among them Tons, Yamuna, Ramganga, Kali Sarda and Saryu – have been explored and all offer excellent potential for river-running. And there are still a number of rivers, such as the Bhilangana, which, excitingly, remain to be explored.In Jammu and Kashmir, the most popular river for rafting is the Indus, in the Ladakh region, though an expedition on the Zanskar – highly recommended – is regarded as one of the best wilderness river runs in India. And with a number of riverine systems crisscrossing the entire state,Himachal Pradesh is a year-round river-running destination.
Most of the rivers in South India remain unexplored for their white-water promise, though a few like the Kaveri have been reconnoitred and certain sections found suitable for river-running. And unlike the north, rivers here are better preserved and not overexploited.

Know more about popular options for River Rafting in Rishikesh.

North

Uttaranchal: Ganges, Alaknanda, Bhagirathi, Yamuna, Tons, Kali Sarda (Mahakali),Pindar, Ramganga, Goriganga, Saryu, Mandakini
Jammu and Kashmir: Chenab, Lidder, Sindh (Kashmir); Indus, Zanskar, Tsarap, Doda,Suru, Dras, Nubra, Shyok (Ladakh)

Himachal Pradesh: Beas, Sutlej, Ravi, Chandra, Spiti

Sikkim / West Bengal: Teesta, Rangit, Lachen Chu
Arunachal Pradesh: Siang (Brahmaputra), Subansiri, LohitSouthKarnataka: Kaveri, Kali, Sita, Varahi

Central India

Grading system for rapids

Rapids are graded on an international scale from I to VI progressively increasing in difficulty and danger. The size and type of waves, the hazards, remoteness, water temperature and nature of river (continuous rapids or a calm section between the rapids), the geographical terrain (a stretch of gorge or flat, open country) all go into deciding the grade of a rapid. The overall grade of a river depends on the hardest rapid on that river.

Grade I: Fast flowing water with small waves / ripples
Grade II: Easy
Grade III: Difficult
Grade IV: Very difficult
Grade V: Extreme, should be attempted by an experienced team only, danger to life and limb
Grade VI: Impossible to negotiate, suicidal.
Basic to medium swimming skills are required for Grades I to III, while a decent experience of white-water rafting is necessary for Grades IV and VI.

You are likely to have a few concerns before you hit the river for the first time and justifiably so. Here are certain points to watch out for that will help you have a safe and enjoyable rafting trip.What to watch out for before rafting India has a number of professional international-quality rafting outfits with skilled and safety-conscious guides who can introduce a beginner to the joys of river rafting. So how do you choose the correct one? Before planning your trip, ask the rafting tour operator a few questions:
1. How long has the company had a rafting operation?
2. Talk to people who have been rafting with the company recently.
3. Ask about their guides and their experience. If you can talk to the guides themselves, you can figure out whether they are well trained, informed, can communicate well and whether they are safety-conscious professionals.
4. Life jackets: According to statistics, eighty per cent of accidents in river rafting happen either because of not wearing life jackets, not wearing life jackets properly (zipper done up and buckles fastened securely) or not wearing proper life jackets.The life jackets must have adequate buoyancy (minimum of 6kg, preferably 9-10kg), must be of a proper type (U.S. Coast Guard Type-III or V) with the provision of ensuring a snug fit by means of straps etc., and must be worn correctly. Inflatable life jackets and ‘keyhole’ type jackets are not suitable for white-water rafting. Guides must ensure that life jackets are fitted ‘snugly’ before the trip starts and above all major drops.
5. Helmets are mandatory on all rapids and it is recommended that helmets be kept on throughout the trip. The helmet should be properly strapped – when you slide a finger between the strap and your chin it should feel snug.
6. If possible take a look at the rafts and the river equipment. Torn life jackets, helmets with broken straps and highly patched and leaky rafts do not inspire confidence.
7. Are the guides qualified in basic first aid and CPR (cardio-pulmonary resuscitation)?
8. Ask if the company carries a first-aid, emergency-repair kit on the river, and if all rafts have rescue throw bags. All rafting trips must carry a well-equipped repair kit containing repair material, glue / accelerator, sandpaper or roughing tool and waterproof repair tape / duck-tape. Oar rafts must carry at least one spare oar / spare oarlock. All rafts must have a safety line going all around the raft, a bow-line and preferably a stern-line as well. All rafts must have a throw bag, and non-self-bailing rafts must have a bailing bucket (two are recommended).
9. Some of the worst international accidents have happened when there has been only one raft on the river. As per rules of the Indian Association of Professional Rafting Outfitters, if you are on a section of the river which is grade III (difficult with big waves requiring maneuvering the raft through boulders/obstacles, slightly remote and/or away from the road), do ensure that the company you are going with uses a minimum of two craft, i.e. two rafts or a raft and a safety kayak. The two-craft rule can be relaxed for easy float trip sections (Grade-I to Grade-II) close to a road.
10. Do insist on a safety briefing before you start the rafting trip. The guide/trip leader must give a thorough safety briefing covering all pertinent details for that particular trip.
11. Ensure that non-swimmers are not allowed to body-surf.
12. Ensure that trips are timed to finish at least an hour before dark.

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What to watch out for while rafting

1. Always wear your life jacket while on the river. The life jacket should fit snugly. Do always check with your guide before you remove your life jacket even on a calm section.
2. Helmets are more to protect you from the paddles of your enthusiastic rafting companions, and the oars/frame on a raft (in case of a flip on an oar rig), and very rarely as protection against the rocks on a river.
3. Even if you go only to look at a rapid, keep your life jacket and helmet on. It is all too easy to slip into the rapid. Even if you fall while scrambling on the rocks above the rapid, your safety gear will protect you.
4. Do not tie/wrap any rope around your wrists, arms, legs or neck! This can be dangerous in case of a flip, or if you fall out.
5. Do not place your feet in the safety line outside the raft while paddling. You are likely to get hurt in case you hit a boulder.
6. In case the raft is about to hit a boulder, do not try and stop the two-ton momentum of the raft with your lightweight paddle, foot or hands – you are likely to get hurt. Let the raft bounce off the rocks – it is a lot easier (and cheaper too!) to repair rafts!
7. Do stop water fights and other fun activities above rapids and let your guide concentrate on his line above the bigger rapids. Do ensure that your personal safety gear – lifejackets and helmets – fit snugly and that your feet are well braced-in under the tubes or in foot cups, above a big rapid.
8. Body-surfing is trying to negotiate a rapid without a raft. You are allowed to do this only on easy rapids and on sections with not too many rocks. Once you get comfortable doing it, body-surfing is a whole lot of fun. Once in the water, lie down on your back with your feet pointed downstream, your toes just sticking out of the water. A few tips to remember:a. Do not jump out till you have permission from your river guide.b. Not all rapids are safe for body-surfing and if you do jump out without permission remember you may well be walking ‘funny’ for a few days!c. Never dive into the river from the raft. Always go in feet first since there can be rocks below the surface that are not visible.d. Breathe as you go down a wave and stop breathing as you are going up and under the wave.e. You can gently push up with your hands as you go up the crest of the wave – this allows you to gasp for breath a fraction longer!f. Body-surfing rapids is not recommended for non-swimmers.
9. If you do fall off a raft and are forced to body-surf, do remember the following:
a. Do not panic – relax.
b. As soon as you fall off the raft, your life jacket will immediately bring you to the surface.
c. There is a ninety per cent possibility that you will surface right next to the raft. Grab hold of the raft. Remember the raft is your biggest life jacket on the river.
d. If you are close to the raft (a metre or two away) and a swimmer, swim to the raft
e. If you are away from the raft, adopt the white-water position (also referred to as the white-water missionary position!): lie on your back with your feet pointed downstream.
f. Do not try and stand up in a rapid since this can lead to a foot entrapment in a rock or other obstacles underwater.
g. Hold on to your paddle. You will be fairly useless without your paddle in the raft and your team is likely to throw you back into the river if you come back in without your paddle! You can use your paddle to extend your reach and get help. Always give the grip end of the paddle to someone trying to help you, or someone you are trying to help.
h. Listen to your guide, even though it may be contrary to your instinct. If your guide points in any direction, swim in that direction. Your guides always point towards safety.
i. Watch out for the rescue throw bag your guide is likely to throw at you. Grab hold of the rope sticking out of the bag and not the bag itself. Do not wrap the rope around your wrist or neck. Put it over your shoulder with your face pointing away from the direction you are being pulled since this creates an air pocket (this will be explained to you before you go rafting during the safety briefing), and get pulled back into the raft.
j. If any of your fellow rafters have fallen off the raft, pull them back into the raft from the top of their life jackets (shoulder section) only.
k. Smile. The most important thing to do on a river – enjoy yourself!

What to watch out for after rafting

There have been a number of fatal accidents in India involving swimmers camping after a rafting trip. A few dos and don’ts for swimming in the river:
1. Never go out swimming alone in the river – always take a companion along.
2. Inform your guide and swim in sight of your camp.
3. Even if you are a swimming champion and a budding Mark Spitz, DO NOT swim in the river without a trained lifeguard watching over you.
4. If you’re swimming in the river, always keep a life jacket on. There can be cross currents, and since most rafting rivers in India are cold glacial melt rivers, you can easily get tired or even get cramp.
5. Do not swim in the river immediately after a meal
6. Never go out for a swim after drinking alcohol.
7. Do not go for a swim after dark.
8. Be especially careful in large/mixed groups since high testosterone levels in some males can instantly make them strong swimmers – even if they are weak swimmers (and sometimes even non-swimmers!).

Medical concerns

If you have a previous medical condition, mention them to the instructor, and do remember to carry the necessary prescribed medication.

Ecological concerns

Rivers are worshiped as goddesses in India and are considered worthy of respect. All rafters have a responsibility to preserve the river environment, an environment that is beautiful but also fragile.As a rule, do whatever it takes to leave a positive impact on the river environment. Do leave the beaches cleaner than you find them. A beach sweep, where all rafters line up and sweep the beach for any litter before you get on the river, is always a positive move.If you see any floating plastic bottles etc. on the river, do take the trouble to fish them out and dispose of them sensibly.

A to Z of Rafting

White water: Turbulent or frothy water, as in rapids or surf.
Rapids: An extremely fast-moving part of a river, caused by a steep descent or a rock in the riverbed. Often used in the plural.
Put in: The point where the rafts are put into the river for starting the rafting trip.
Take out: The point where rafts are taken out after rafting.
Eddies: Small whirlpools.
Body-surfing: Riding a river rapid with just a life jacket on.
Wet suits: A protective garment used for water-sports. These suits help preserve body heat by trapping a layer of water against the skin; this water is consequently warmed by body heat and acts as an insulator.
Oar rafting: In an oar raft, a metal frame is strapped on to the raft and the guide sits on a seat in the middle. An oar/paddle combination works well on some rivers where the guide still has control and maneuverability and is assisted by paddle power.
Paddle rafting: Paddle rafting is more active and participative than oar rafting. In a paddle raft, all rafters paddle to the command of the guide while in an oar raft, the guide does all the work – the crew helps out by bailing water (in a non-self-bailing raft) and by high siding (a technique for weighing down the high side of a raft in big waves)
Punter: An inexperienced rafter

Source https://hindi.holidayrider.com/river-rafting-in-india-in-hindi/

Source https://navbharattimes.indiatimes.com/travel/adventure-trip/best-place-to-do-river-rafting-in-india-in-hindi/articleshow/83597294.cms

Source https://www.adventurenation.com/activity/river-rafting

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